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मॉडल टैस्ट पेपर, प्रथम सत्र परीक्षा, 2021-22, कक्षा-नौ, विषय-हिंदी ‘ब‘

मॉडल टैस्ट पेपर प्रथम सत्र परीक्षा 2021-22 कक्षा-नौ विषय-हिंदी ‘ब‘ समय सीमा-एक घंटा तीस मिनट                                                                                          अंक-40 सामान्य निर्देश-  इस प्रश्न पत्र में तीन खंड हैं-खंड ‘क‘, ‘ख‘ और ‘ग‘।  खंड ‘क‘ में कुल 2 प्रश्न पूछे गए हैं। दोनों प्रश्नों के कुल 20 उपप्रश्न दिए गए हैं। दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए कुल 10 उपप्रश्नों के उत्तर दीजिए  खंड ‘ख‘ में 16 प्रश्न हैं। सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।    खंड ‘ग‘ में कुल 3 प्रश्न हैं तथा 14 उपप्रश्न सम्मिलित हैं। सभी उपप्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है।    खंड ‘क‘ अपठित गद्यांश प्रश्न 1-नीचे 2 गद्यांश दिए गए हैं। किसी गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़िए और उस पर आधारित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- गद्यांश-1 नोट-यदि आप ...

दुख का अधिकार (पठित गद्यांश) for 1st Term

  दुख का अधिकार पठित गद्यांश कल जिसका बेटा चल बसा, आज वह बाज़ार में सौदा बेचने चली है, हाय रे पत्थर-दिल! उस पुत्र-वियोगिनी के दुख का अंदाज़ा लगाने के लिए पिछले साल अपने पड़ोस में पुत्र की मृत्यु से दुखी माता की बात सोचने लगा। वह संभ्रांत महिला पुत्र की मृत्यु के बाद अढ़ाई मास तक पलंग से उठ न सकी थी। उन्हें पंद्रह-पंद्रह मिनट बाद पुत्र-वियोग से मूर्छा आ जाती थी और मूर्छा न आने की अवस्था में आँखों से आँसू न रूक सकते थे। दो-दो डॉक्टर हरदम सिरहाने बैठे रहते थे। हरदम सिर पर बरफ़ रखी जाती थी। शहर भर के लोगों के मन उस पुत्र शोक से द्रवित हो उठे थे। (क) पुत्र-वियोगिनी किसे कहा गया है? 1. जिसका पुत्र साँप के काटने के कारण मर गया था परंतु उस महिला को शोक मनाने का अवसर न मिला। 2. जिसका पुत्र साँप के काटने के कारण मर गया था परंतु उस महिला को शोक मनाने का अवसर मिला। 3. उस संभ्रांत महिला पुत्र की मृत्यु के बाद अढ़ाई मास तक पलंग से उठ न सकी थी। 4. इनमें से कोई नहीं  (ख) दोनों महिलाओं के दुख में आपको क्या समानता नज़र आती है? 1. उन दोनों के दुख अलग-अलग थे 2. उन दोनों का दुख एक समान था 3. ...

कक्षा-सात मिठाईवाला

 मिठाईवाला प्रश्नोत्तर प्रश्न 1-मिठाईवाला अलग-अलग चीजें क्यों बेचता था और वह महीनों बाद क्यों आता था? उत्तर- मिठाईवाला अलग-अलग चीजें इसलिए बेचता था, क्योंकि वह अधिक-से-अधिक बच्चों को प्रसन्न एवं संतुष्ट करना चाहता था। उसकी पत्नी एवं बच्चों की असमय मृत्यु हो गई थी। उसे इन बच्चों में ही अपने बच्चों की झलक दिखाई देती थी। जब ये बच्चे प्रसन्न होते थे, तो उसे लगता था जैसे इन बच्चों के रूप में उसके बच्चे भी प्रसन्न हो रहे हैं। इसीलिए वह हर बच्चे की फरमाइश पूरी करना चाहता था। वह जानता था कि यदि वह चीजें बदल-बदलकर नहीं लाएगा तो बच्चे एक जैसी चीजें देखकर बोर हो जाएँगे और उनकी उन चीजों को खरीदने में उत्सुकता नहीं रहेगी।  वह महीनों बाद इसलिए आता था क्योंकि उसे पैसों का कोई लालच नहीं था। उसे तो बच्चों की खुशी से मतलब था। अतः वह पहले बच्चों की पसंद की चीजें बनवाता था, फिर उन्हें बेचने आता था।   प्रश्न 2-मिठाईवाले में वे कौन से गुण थे जिनकी वजह से बच्चे तो बच्चे, बड़े भी उसकी ओर खिंचे चले आते थे? उत्तर- मिठाईवाला अपनी चीज़ों को बहुत ही मधुर स्वर में गा-गाकर बेचता था। हर बच्चे को उसकी...

कक्षा-सात (शाम-एक किसान)

 शाम: एक किसान प्रश्नोत्तर कविता से प्रश्न 1-इस कविता में शाम के दृश्य को किसान के रूप में दिखाया गया है-यह एक रूपक है। इसे बचाने के लिए पाँच एकरूपताओं की जोड़ी बनाई गई है। उन्हें उपमा कहते हैं। पहली एकरूपता आकाश और साफे में दिखाते हुए कविता में ‘आकाश का साफा’ वाक्यांश आया है। इसी तरह तीसरी एकरूपता नदी और चादर में दिखाई गई है, मानो नदी चादर-सी हो। अब आप दूसरी, चैथी और पाँचवी एकरूपताओं को खोजकर लिखिए। उत्तर- दूसरी एकरूपता-चिलम और सूरज में दिखाई है, जैसे-‘सूरज की चिलम खींचता’ चैथी एकरूपता-पलाश के जंगल एवं किसान की अँगीठी में दिखाई गई है, जैसे-‘पलाश के जंगल की अँगीठी’ पाँचवी एकरूपता-अंधकार एवं भेड़ों के समूह में दिखाई गई है, जैसे-‘भेड़ों के गल्ले सा अंधकार’। प्रश्न 2-शाम का दृश्य अपने घर की छत या खिड़की से देखकर बताइए। (क) शाम कब से शुरू हुई ? (ख) तब से लेकर सूरज डूबने में कितना समय लगा? (ग) इस बीच आसमान में क्या-क्या परिवर्तन आए। उत्तर- शाम के समय घर की छत या खिड़की से देखने पर पता चला कि- (क) सूर्य जब पश्चिम में पहुँचा, तभी एकाएक संध्या की रंगत आकाश में दिखाई देने लगी।  (ख) शाम होने...

कक्षा-सात, कठपुतली

कठपुतली  (प्रश्नोत्तर) प्रश्न 1-कठपुतली को गुस्सा क्यों आया? उत्तर-कठपुतली को गुस्सा इसलिए आया क्योंकि वह धागे में बँधी हुई है। वह पराधीन है। वह दूसरों के इशारों पर चलने को मज़बूर है। इसलिए वह अपनी इस पराधीनता को गुस्से के द्वारा व्यक्त करती है। प्रश्न 2-कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती? उत्तर-कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की इच्छा है, लेकिन वह इसलिए खड़ी नहीं हो पाती, क्योंकि उसे धागों में बाँधा हुआ है। वह पुरुषों के इशारों पर चलने को मज़बूर है। उसके अन्दर स्वतंत्र होने की इच्छा तो है, पर अपने हक के लिए लड़ने की सामर्थ्य नहीं है और न ही अपने पैरों पर खड़े होने की शक्ति है। उसे यह भी डर लगता है कि कहीं उसके द्वारा उठाया गया कदम अन्य कठपुतलियों को कठिनाई में न डाल दे। प्रश्न 3-पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी? उत्तर-जब पहली कठपुतली ने बंधन-मुक्त होने की बात कही तो उसकी यह बात दूसरी कठपुतलियों को भी अच्छी लगी, क्योंकि वे भी पहली कठपुतली की तरह ही धागों से बँधी हुई थीं और सदियों से गुलामी का जीवन जी रही थीं। वे सब भी ब...

कक्षा-सात, हिमालय की बेटियाँ

  हिमालय की बेटियाँ प्रश्नोत्तर  प्रश्न 1-नदियों को माँ मानने की परंपरा हमारे यहाँ काफी पुरानी है। लेकिन लेखक नागार्जुन उन्हें और किन रूपों में देखते हैं ? उत्तर-नदियों को हमारे यहाँ ‘माँ’ कहा गया है, जैसे हम गंगा को गंगा माँ कहते हैं। लेकिन लेखक नागार्जुन इन्हें माँ के साथ-साथ अन्य कई रूपों में भी देखते हैं। वे इन्हें हिमालय की बेटियों के रूप में देखते हैं, जो कि बूढ़े हिमालय की गोद में खेलती हैं। वे इन्हें प्रेयसी के रूप में देखते हैं, जो अपने प्रियतम सागर से मिलने के लिए बेचैन हैं। वे इन्हें बहन के रूप में भी देखते हैं, क्योंकि वे अपनी ममता बिखेरकर अपने शीतल जल से सभी की थकावट दूर करती हैं।  प्रश्न 2-सिंधु और ब्रह्मपुत्र की क्या विशेषताएँ बताई गई हैं? उत्तर-सिंधु और ब्रह्मपुत्र की विशेषताएँ बताते हुए लेखक ने कहा है कि ये दोनों महानद हैं। यमुना, गंगा, सतलुज, व्यास आदि सभी नदियों का संगम इन्हीं नदियों में होता है। लेखक ने कहा है कि सिंधु और ब्रह्मपुत्र नदियाँ अपने आप में कुछ नहीं हैं, बल्कि दयालु हिमालय के शरीर पर जमा बर्फ की बूँदों के पिघलने से इनका निर्माण हुआ है। ये नद...

कक्षा-9, दुख का अधिकार

  दुख का अधिकार निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए- प्रश्न 1-किसी व्यक्ति की पोशाक को देखकर हमें क्या पता चलता है? उत्तर-किसी व्यक्ति की पोशाक देखकर हमें समाज में उसका दर्जा तथा उसके अधिकारों का पता चलता है। प्रश्न 2-खरबूजे बेचनेवाली स्त्री से कोई खरबूजे क्यों नहीं खरीद रहा था? उत्तर-खरबूजे बेचने वाली स्त्री से कोई खरबूजे इसलिए नहीं खरीद रहा था, क्योंकि इसके लिए लोगों को उससे मोल-भाव करना पड़ता, परंतु उससे कोई बात कैसे करता, क्योंकि वह तो अपने घुटनों में अपना मुँह छिपाए फफक-फफककर रो रही थी।  प्रश्न 3-उस स्त्री को देखकर लेखक को कैसा लगा? उत्तर-उस स्त्री को रोते देखकर लेखक को अत्यंत दुख हुआ। वह उस स्त्री के पास बैठकर उसके दुख का कारण जानना चाहता था, परंतु फुटपाथ पर उसके समीप बैठने में उसकी पोशाक बाधा बन रही थी।  प्रश्न 4-उस स्त्री के लड़के की मृत्यु का कारण क्या था? उत्तर-उस स्त्री का तेईस बरस का लड़का था। वह डेढ़ बीघा ज़मीन में कछियारी (खेती) करता था। वह खेत में उत्पन्न फल-सब्ज़ियों को बाज़ार में लाकर बेचता था। उस दिन भी वह मुँह अँधेरे उठकर खेत से पके खरबूजे त...